Forex Trading कैसे करे? - Start Forex Trading In India Guide SUMIT MALIK 9310666000
फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे करें: Forex Trading जिसे Currency Trading भी कहते है वह हाल - फ़िलहाल में बहुत तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है, बहुत सारे लोग करेंसी ट्रेडिंग को एक Full Time Career की तरह कर रहे है और कई लोग फॉरेक्स ट्रेडिंग को सीखना चाहते है, फोरेक्स ट्रेडिंग करना चाहते है आज आप इस पोस्ट को पुरा पढ़िये लास्ट तक यह जान जायेंगे की फॉरेक्स ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करें -
डॉलर और रूपया एक दुसरे के विपरीत चलते है अगर डॉलर मजबूत होगा तो रुपया कमजोर होगा और डॉलर कमजोर होगा तो रूपया मजबुत होगा।
कई बार एनालिसिस गलत हो जाता है और प्राइस हमारे टारगेट प्राइस तक नहीं पहुँच पाता है तो ऐसी कंडीशन में Currency Contract Expire होने से पहले उस ट्रेड को Close करना होता है वरना पेनेल्टी चुकानी पड़ती है। इसलिये सभी करेंसी कॉन्ट्रैक्ट को एक्सपायरी से पहले Square Off करना जरूरी हो जाता है। (How To Trade Forex In India In Hindi)
Forex Market Trading में जितने भी यूनिट्स ख़रीदे है सभी के पैसे नहीं देने होते है बल्कि हर एक Lot पर कुछ Margin देना होता है। USD/INR का एक लोट खरीदने पर 1500 रुपये के लगभग मार्जिन देना होता है और उस Future Contract को एक्सपायरी तक होल्ड कर सकते है।
इससे पहले मैंने एक पोस्ट में बताया था की अगर अब तक आपने उस पोस्ट को नहीं पढ़ा है तो उसे जरूर पढ़िये, आज की पोस्ट में, मैं ये बताऊंगा की भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे करें (How To Do Forex Trading In India).
How To Start Forex Trading In India
पहले फॉरेक्स ट्रेडिंग विदेशी ब्रोकर ही करवाते थे लेकिन भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग Legal होने के बाद भारत के ब्रोकर भी Forex Trading करवाते है। भारत में कुल 7 Currency Pairs में ट्रेडिंग होती है और ये सात करेंसी पेयर्स है - USD/INR, GBP/INR, EURO/INR, JPY/INR, USD/JPY, GBP/USD, EURO/USD.
Currency Trading सिर्फ SEBI Registered Broker ही करवा सकते है किसी अन्य Online Forex Broker से ट्रेडिंग करना अवैध माना जाता है। Forex Trading शुरू करने के लिये किसी भी ब्रोकर के पास करवाना होता है, ट्रेडिंग अकाउंट Discount Broker के पास ओपन करवाना चाहिये क्योंकि डिस्काउंट ब्रोकर में ट्रेडिंग चार्जेस कम लगते है।
भारत में Currency Trading डेरिवेटिव्स मार्किट यानि Future And Option में होती है। NSE द्वारा सोमवार से शनिवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक करेंसी ट्रेडिंग करवाई जाती है।
किसी कई वजहों से बदलता है जैसे: ब्याज दर, GDP, महंगाई दर, बेरोज़गारी, राजनैतिक स्थिरता या अन्य कोई आकस्मिक घटना, Currency Trading करते समय इन सभी का ध्यान रखना होता है। (How To Start Forex Trading In India)
फॉरेक्स ट्रेडिंग से पैसा कैसे कमाये - How to Make Money In Forex Trading
भारत में सबसे ज्यादा Liquid Currency Contract USD/INR है, USD/INR में सबसे ज्यादा खरीदी - बिक्री होती है।
अगर आप यह मानते है की US Dollar मजबूत होने वाला है तो आप USD/INR के Future Contract को खरीदेंगे और अगर आपके एनालिसिस से लगता है की Us Dollar कमजोर होने वाला है तो USD/INR को बेचने पर पैसे बनेंगे।
अगर आप यह मानते है की US Dollar मजबूत होने वाला है तो आप USD/INR के Future Contract को खरीदेंगे और अगर आपके एनालिसिस से लगता है की Us Dollar कमजोर होने वाला है तो USD/INR को बेचने पर पैसे बनेंगे।
डॉलर और रूपया एक दुसरे के विपरीत चलते है अगर डॉलर मजबूत होगा तो रुपया कमजोर होगा और डॉलर कमजोर होगा तो रूपया मजबुत होगा।
उदाहरण: मान लीजिये अभी 1 डॉलर की कीमत 70 रुपये है और आपको लगता है की आने वाले एक महीने में डॉलर मजबुत होगा और रूपया 70.50 तक जा सकता है तो इस कंडीशन में आप USD/INR को खरीदेंगे और जब USD/INR 70.50 पैसे पर चला जाये तो उसे बेच कर प्रॉफिट बुक किया जा सकता है।
कई बार एनालिसिस गलत हो जाता है और प्राइस हमारे टारगेट प्राइस तक नहीं पहुँच पाता है तो ऐसी कंडीशन में Currency Contract Expire होने से पहले उस ट्रेड को Close करना होता है वरना पेनेल्टी चुकानी पड़ती है। इसलिये सभी करेंसी कॉन्ट्रैक्ट को एक्सपायरी से पहले Square Off करना जरूरी हो जाता है। (How To Trade Forex In India In Hindi)
करेंसी ट्रेडिंग में प्रॉफिट कैसे कैलकुलेट करते है।
Forex Trading Lot Size में होती है और 1 Lot में 1000 यूनिट्स होती है जैसे: 1000 डॉलर खरीदना हो तो 1 लोट खरीदना होगा और 2000 डॉलर खरीदने हो तो 2 Lot खरीदने होंगे।
Forex Trading Lot Size में होती है और 1 Lot में 1000 यूनिट्स होती है जैसे: 1000 डॉलर खरीदना हो तो 1 लोट खरीदना होगा और 2000 डॉलर खरीदने हो तो 2 Lot खरीदने होंगे।
Forex Market Trading में जितने भी यूनिट्स ख़रीदे है सभी के पैसे नहीं देने होते है बल्कि हर एक Lot पर कुछ Margin देना होता है। USD/INR का एक लोट खरीदने पर 1500 रुपये के लगभग मार्जिन देना होता है और उस Future Contract को एक्सपायरी तक होल्ड कर सकते है।
मान लीजिये आपने 70 रुपये की Price पर USD/INR के 2 Lot ख़रीदे और 2 Lot में 2000 डॉलर होते है बाद में 70.5 की प्राइस में दोनों लोट बेच दिये तो आपका प्रॉफिट होगा -
70.5 - 70 = 0.5 पैसा
0.5*2000 = 1000 रुपये प्रॉफिट
यहाँ एक हज़ार रुपये कमाने के लिए लगभग 3000 रुपये मार्जिन देना होता है और वही मार्किट दूसरी दिशा की तरफ मुड़ जाता और Currecy Contract की कीमत 69.5 हो जाती तो आपको 1000 रुपये का लोस्स भी होता।
70.5 - 70 = 0.5 पैसा
0.5*2000 = 1000 रुपये प्रॉफिट
यहाँ एक हज़ार रुपये कमाने के लिए लगभग 3000 रुपये मार्जिन देना होता है और वही मार्किट दूसरी दिशा की तरफ मुड़ जाता और Currecy Contract की कीमत 69.5 हो जाती तो आपको 1000 रुपये का लोस्स भी होता।
Forex Trading Tips In Hindi (Forex Trading Kaise Kare)
- फॉरेक्स ट्रेडिंग शुरू करने से पहले Forex Market को सीखना जरूरी है जिसमें Forex Market Basics, , Chart Pattern, को सीखें।
- पहले Paper Trading या Demo Trading करें और एक अच्छी स्ट्रेटेजी बनाकर Real Trading में शुरुआत करें।
- करेंसी ट्रेडिंग में एक देश की करेंसी के बदले में दुसरे देश की करेंसी को ट्रेड किया जाता है इसलिये दोनों करेंसी करना फंडामेंटल एनालिसिस करना होता है।
- Currency Market बहुत ज्यादा रिस्की और वोलेटाइल है यह सबके लिये नहीं है अगर आप ज्यादा जोखिम सहन नहीं कर सकते है तो इस मार्किट में नहीं आना चाहिये।
- Currency Trading करने के लिये बहुत ज्यादा पैसों की जरुरत नहीं होती है इसे 5000 रुपयों से भी Start कर सकते है।
- Forex Trading में ज्यादा Leverage नहीं लेना चाहिये, Leverage एक उधार होता है जो ब्रोकर देता है। Leverage की वजह से पूरा पैसा एक बार में डूब भी सकता है।
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SUMIT MALIK
Thanks 👍👍
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